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Monday, April 27, 2020

आपके WHATSAPP पर शुरू हो चुकी है शॉपिंग की सुविधा, जल्दी जानें तरीका

हम बताएंगे WhatsApp पर शॉपिंग करने का तरीका.

नई दिल्ली: जी हां, आपके मोबाइल फोन में मौजूद व्हाट्सऐप (WhatsApp) पर शॉपिंग की सुविधा शुरू हो चुकी है. आप अगर अभी भी व्हाट्सऐप पर सिर्फ चैटिंग ही कर पाते हैं तो हम बताएंगे यहां शॉपिंग करने का तरीका. Reliance Jio ने अपने JioMart की सुविधा व्हाट्सऐप पर उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है. 

ऐसे करें शॉपिंग
- पहले आप JioMart का व्हॉट्सअप नंबर 88500 08000 अपने स्मार्टफोन में सेव कर लें.
- नंबर सेव करने के बाद अपने व्हाट्सऐप कॉन्टेक्ट में इस नंबर को सर्च करें, इसके लिए लिस्ट को रिफ्रेश करने की जरूरत पड़ेगी.
- अब इस कॉन्टेक्ट नंबर पर 'Hi' मैसेज भेजे.
- इसके बाद जियोमार्ट व्हॉट्सएप नंबर सेव करने वाले ग्राहक के चैट विंडो पर एक लिंक भेजेगा जो कि सिर्फ 30 मिनट तक एक्टिव रहेगा.
- इस लिंक पर क्लिक करने के बाद कस्टमर को एक नया पेज ओपन करना होगा जिसपर कस्टमर को अपना पता और फोन नंबर जैसी कुछ जानकारी सेव करनी होगी.
- जरूरी डिटेल भरने के बाद जियो मार्ट ग्राहक के व्हॉट्सएप पर अपने यहां मौजूद सामानों की एक लिस्ट भेजेगी.
- कस्टमर उस सामान की लिस्ट में से अपने पसंदीदा सामान को चुनकर ऑर्डर भेज देगा.
- इसके बाद कस्टमर का ऑर्डर और उसकी डिटेल्स जियो मार्ट या आसपास के किराना स्टोर को भेज दिए जाएंगे.
- आप अपने ऑर्डर को बताए गए नजदीकी किराना स्टोर से कलेक्ट कर पाएंगे.

जानकारों का कहना है कि फिलहाल व्हाट्सऐप पर शॉपिंग की सुविधा सिर्फ नवी मुंबई के कुछ इलाकों में, ठाणे और कल्याण में ही लाइव की गई है. लेकिन बहुत जल्द अन्य इलाकों में शुरू होने की उम्मीद है. इसके बाद आप घर बैठे चैटिंग करते हुए सभी सामान ऑर्डर कर पाएंगे.

Sunday, April 26, 2020

हिंदू लिखना कहीं से गलत नहीं है, सभी दुकानदार अपने दुकानों पर हिंदू लिखें: रघुवर दास


झारखंड के जमशेदपुर में दो फल दुकानदारों द्वारा विश्व हिन्दू परिषद (VHP) का बैनर लगाकर, फल बेचने के मामले में पुलिस ने धारा 107 के तहत नोटिस जारी कर दिया है. साथ ही बैनर हटवा दिया है. इस मामले को लेकर बीजेपी हेमंत सोरेन (Hemant Soren) सरकार पर खुलकर हमला कर रही है.

इसी क्रम में, बीजेपी (BJP) के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास (Raghubar Das) ने जमशेदपुर पहुंचकर फल विक्रेताओं से मुलाकात की. इस दौरान, पूर्व सीएम रघुवर दास ने कहा कि, हिंदू लिखना कहीं से गलत नहीं है. सभी दुकानदार अपने दुकानों पर हिंदू लिखें.

दरअसल, बीजेपी पुलिस द्वारा फल विक्रेता की दुकान से बैनर हटवाए जाने को लेकर आक्रमक रूख अख्तियार कर लिया है. साथ ही, मामले को लेकर पार्टी राज्य सरकार पर लगातार हमलावर है. इससे पहले, बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने भी हेमंत सरकार को घेर था.

सीपी सिंह ने कहा कि, प्रशासन की कार्रवाई से तुष्टीकरण की नीति का पर्दाफाश हुआ है. उन्होंने प्रशासन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि, आखिर हिंदू के फल दुकान से उन्हें क्या दिक्कत है. अगर हिम्मत है तो जो मुसलमानों की दुकानें जिनमे 786 लिखा होता है. उन्हें बंद करें.

सीपी सिंह ने साफ तौर पर कहा कि 107 के नोटिस के तहत प्रशासन एक खास हिंदू को डराने का काम कर रही है. जबकि, जब दूसरे समुदाय के लोग लगातार उल्लंघन कर रहे हैं तो उस पर, कोई कार्रवाई नहीं होती है.

सीपी सिंह ने कहा है कि, सरकार पूरी तरीके से तुष्टीकरण की नीति पर चल रही है और पुलिस द्वारा एकतरफा कार्रवाई की जा रही है. वहीं, जेएमएम (JMM) प्रवक्ता मनोज पांडे ने बीजेपी के बयानों की आलोचना की. उन्होंने कहा कि, बीजेपी को संकट की इस घड़ी में राजनीतिक विद्वेष फैलाने से बाज आना चाहिए.

मनोज पांडेय ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि, ऐसी बयानबाजी से धार्मिक भावना भड़काने का काम करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि, बीजेपी के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है और वह हेमंत सोरेन की लोकप्रियता से घबरा कर, धार्मिक हथकंडे अपनाने की कोशिश कर रही है.

संघ प्रमुख मोहन भागवत बोले: कोरोना से डरने की जरूरत नहीं, डरने से संकट बढ़ता है..जाने और क्या कहा

नई दिल्ली: कोरोना संकट पर राष्ट्रस्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से संवाद शुरू किया गया है. महामारी काल में संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने 'वर्तमान परिदृश्य और हमारी' भूमिका विषय पर अपने विचार रखे. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि कोरोना से पूरी दुनिया जूझ रही है. जीवन तो चल रहा है. स्वयंसेवकों को लगता होगा कि शाखा बंद है, नित्य कार्यक्रम बंद हैं तो संघ का काम बंद है, ऐसा नहीं है. संघ का काम चल ही रहा है, बस उसका स्वरूप बदल गया है. घर में रहना ही इलाज है. 

उन्होंने आगे कहा, "कोरोना से बचाव के लिए घर में ही रहें. प्रचंड रूप से संघ के सेवा कार्य चल रहें है और उसको समाज देख रहा है. स्वयं के प्रयास से अच्छा बनना और समाज को अच्छा बनाना ही अपना काम है. एकांत में आत्मसाधना और परोपकार संघ कार्य का स्वरूप है. केवल संघ के लोगों के लिए ही नहीं बल्कि समाज के लिए भी कुछ बातें स्पष्ट हैं. अपने स्वार्थ की पूर्ति या अपना डंका बजाने के लिए हम काम नहीं कर रहे. यह समाज हमारा है, इसलिए सेवा कर रहें हैं. अहंकार को त्याग कर बिना श्रेय के काम करना है."

संघ प्रमुख ने अपने संबोधन में कहा, "हम अपना डंका बजाने के लिए कार्य नहीं करते. दुनिया के दुखों को दूर करना संघ का काम है. लोगों को बताने से पहले खुद स्वास्थ्य नियमों का पालन करें. कोरोना से डरना नहीं, डरने से संकट और बढ़ता है. हम इसलिए काम करते हैं क्योंकि ये देश हमारा है. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए काढ़ा पीयें. हमें सेवा करते हुए सावधान भी रहना है

संघ प्रमुख ने कहा, "बिना डरे कर्तव्य का पालन करें. संकट कई चीजें दिखा रहा है. आत्मनिर्भर बनें. लॉकडाउन के बावजूद सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें. लॉकडाउन में पर्यावरण ठीक हुआ है. विकास का नया मॉडल बनाना होगा. जरूरतों को सीमित करना पड़ेगा. स्वदेशी को अपनाना होगा."

#rss #covid19 

Friday, April 24, 2020

COVID-19: गृह मंत्रालय का बड़ा बयान, इन 4 बड़े शहरों में हालात बहुत चिंताजनक




COVID-19: गृह मंत्रालय का बड़ा बयान, इन 4 बड़े शहरों में हालात बहुत चिंताजनक


केंद्र सरकार ने देश में कोविड-19 हॉटस्पॉट जिलों में जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए 10 अंतर-मंत्रालयीय केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) गठित की हैं.

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने शुक्रवार को बताया कि कोरोना वायरस (coronavirus) के संक्रमण से अहमदाबाद, सूरत, हैदराबाद और चेन्नई सहित बड़े या उभरते हॉटस्पॉट इलाकों में हालाब बहुत चिंताजनक हैं. गृह मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि देश के कुछ हिस्सों में लॉकडाउन दिशानिर्देशों का उल्लंघन पाया जाना लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा है और इसकी वजह से कोरोना वायरस संक्रमण फैल सकता है. बयान में कहा गया है, "बड़े हॉटस्पॉट जिलों या उभरते हॉटस्पॉट शहरों, जैसे कि अहमदाबाद और सूरत (गुजरात), ठाणे (महाराष्ट्र), हैदराबाद (तेलंगाना) और चेन्नई (तमिलनाडु) में स्थिति बहुत गंभीर है." 
हॉटस्पॉट जिलों के लिए केंद्र सरकार की तैयारी
केंद्र सरकार ने देश में कोविड-19 हॉटस्पॉट जिलों में जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए 10 अंतर-मंत्रालयीय केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) गठित की है. इनमें से पांच टीमें अहमदाबाद, सूरत (दोनों गुजरात में), ठाणे (महाराष्ट्र), हैदराबाद (तेलंगाना) और चेन्नई (तमिलनाडु) में हालात का जायजा लेने गई हैं. वहीं, पहले गठित की गई टीमें मुंबई, पुणे (दोनों महाराष्ट्र में), इंदौर (मध्य प्रदेश), जयपुर (राजस्थान) और पश्चिम बंगाल (कोलकाता और उससे लगे जिलों के लिए एक टीम तथा दूसरी टीम उत्तर बंगाल) में कोरोना वायरस से उपजी स्थिति का जायजा ले रही हैं.
आईएमसीटी केंद्र सरकार की विशेषज्ञता का उपयोग करेगी और कोविड-19 के प्रसार को प्रभावी रूप से रोकने तथा संक्रमण से निपटने की राज्यों की कोशिशों को मजबूत करेगी. मंत्रालय ने कहा कि ये टीमें मौके पर स्थिति का आंकलन करेगी और इसके समाधान के लिये राज्य प्राधिकारों को आवश्यक निर्देश जारी करेंगी तथा आम आदमी के व्यापक हित में अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेंगी.
आईएमसीटी कई मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेंगी, जिनमें आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत जारी दिशानिर्देशों के मुताबिक लॉकडाउन का अनुपालन एवं क्रियान्वयन कराना, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित कराना, घरों से बाहर लोगों की आवाजाही में उनके बीच दूरी रखवाना, स्वास्थ्य सुविधाओं, अस्पतालों के बुनियादी ढांचे की तैयारियां तथा जिले में आंकड़े एकत्र करना आदि शामिल हैं

Lockdown के दौरान ऐसे रखें बच्चों को व्यस्त, टेंशन होगी दूर बनेंगे क्रिएटिव...



Parenting Tips during lockdown : यह बताने की जरूरत नहीं है कि आने वाले कुछ वक्त तक स्कूल बंद ही रहने वाले हैं। ऐसे में अभिभावक के रूप में एक मुख्य चुनौती यह है कि बच्चों को कैसे व्यस्त रखा जाए? कुछ बातों को अपनाकर आप सफलतापूर्वक इस चुनौती का सामना कर पाएंगे। 

 1-बच्चों के लिए हर दिन का रूटीन तय करें और उसे अपनाने पर बल दें। इस रूटीन में उठने और सोने के समय के साथ-साथ खेलने और पढ़ाई करने को भी शामिल करें। इससे बच्चों को भी दिन भर पता होगा कि उन्हें क्या-क्या करना है और उनके साथ-साथ आपकी चिंता भी कम होगी।
 
2-बच्चों को अपने दोस्तों से मिले काफी वक्त हो गया है। इस दूरी को वीडियो कॉल की मदद से दूर करें। अपने दोस्तों का चेहरा देखकर और उनसे बात करके बच्चे को यह महसूस होगा कि हर कोई एक ही जैसी चुनौती का सामना कर रहा है।
 
3-बच्चों का स्क्रीन टाइम नियंत्रित करना जरूरी है, पर उतना ही जरूरी है इस कठिन समय में टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल। एजुकेशनल एप्स की मदद से बच्चों की पढ़ाई को और मजेदार बनाया जा सकता है।

4-बच्चे को तरह-तरह के एक्सपेरिमेंट करने का मौका दें। ये गतिविधियां आर्ट, क्राफ्ट या ड्रॉइंग किसी से भी जुड़ी हो सकती हैं। इसके लिए यूट्यूब का सहारा लें।
 
5-यह तो सच है कि आपके बच्चे ने इससे पहले परिवार के सभी सदस्यों के साथ इतना वक्त कभी भी एक बार में नहीं बिताया होगा। इसका फायदा उठाइए और सब लोग साथ मिलकर व्यायाम, डांस पार्टी या बोर्ड गेम्स खेलने जैसी गतिविधियां करिए।

Akshaya Tritiya 2020: अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की शंख से करें पूजा..


अक्षय तृतीया पर इस बार बहुत शुभ योग बन रहे हैं। इस साल 25 अप्रैल दोपहर करीब बारह बजे से  तृतीया तिथि आरंभ होगी जो अगले दिन दोपहर करीब 1.20 मिनट तक रहेगी। इस बार अक्षय तृतीया पर  उदय व्यापिनी और रोहिणी नक्षत्र का संयोग है, जो इसे बहुत ही फलदायी बना रहे हैं। इस बहुत अच्छा मुहूर्त है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि पूर्वक पूजा की जाती है। कहा जाता है कि इस दिन शंख से की गई पूजा से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी बहुत प्रसन्न होते हैं। भगवान परशुराम जयंती भी इसी दिन मनाई जाती है। 

कहते हैं कि इस दिन दान करने सेअक्षय फल मिलता है। अक्षय का अर्थ होता है जिसका कभी नाश न हो। इस दिन अबूझ मुहूर्त भी होता है। कहते हैं कि इस दिन बिना मुहूर्त के बहुत से अच्छे कार्य किए जाते हैं। लेकिन फिलहाल देश में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लॉकडाउन है ऐसे में घर  में रहकर ही भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करें। इसके लिए आपको सुबह स्नान करके भगवान विष्णु को कच्चे दूध से स्नान कराएं। इसके बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी पर दक्षिणावर्ती शंख में जलभरकर अर्पित करें। इसके अलावा बचे जल को घर में छिड़कें। माता लक्ष्मी को पंच मेवे का भोग लगाएं और विष्णु भगवान को खीर का भोग लगा सकते हैं। 

हमारे देश के तीन नाम कैसे ? जानने के लिए पूरा पढ़े और के साथ सांझा करे



हमारे देश का नाम भारत है। इस नाम के अतिरिक्त इसके दो नाम और भी हैं, हिन्दुस्तान और इंडिया। अब आप सोचेंगे कि देश के ये तीन नाम कैसे पड़े? 
भगवान राम के पूर्वज सम्राट भरत, चक्रवर्ती सम्राट हुए हैं। इनका साम्राज्य कश्मीर से कन्याकुमारी तक फैला हुआ था। उनके नाम पर ही देश का नाम भारतवर्ष पड़ा।
एक अन्य मत के अनुसार जब आर्य लोग देश में आये तो वो बहुत सारे कबीलों के रूप में देश के विभिन्न हिस्सों में फैल गये। एक बड़ा कबीला भारत कहलाता था और इसी से देश का नाम भारत प्रचलित हुआ।
हिमालय के पश्चिम में सिंधु नदी बहती है और एक बहुत बड़ा भू-भाग इससे घिरा है। इस भू-भाग को सिंधु घाटी कहते हैं। सिंधु घाटी सभ्यता बहुत प्रसिद्ध हुई है। मध्ययुग में जब तुर्किस्तान से कुछ विदेशी लुटेरे और ईरानी लोग देश में आये तो सर्वप्रथम उन्होंने सिंधु घाटी में प्रवेश किया। यहां के निवासियों को उन्होंने हिन्दू नाम दिया, जो सिंधु का ही एक अपभ्रंश है। हिन्दुओं के देश को उन्होंने हिन्दुस्तान के नाम से जाना और प्रचलित किया।
अब देखते हैं देश का नाम इंडिया कैसे पड़ा। सिंधु नदी का दूसरा नाम इंडस वैली भी कहा जाता था। सिंधु घाटी की सभ्यता रोम की सभ्यता की तरह प्रसिद्ध थी और पूरे देश में फैली हुई थी। इंडस वैली के कारण ही देश का नाम इंडिया पड़ा।
इंडिया नाम प्रचलित होने का एक अन्य कारण और भी है। जब अंग्रेज देश में आये तो उन्हें हिन्दुस्तान अथवा हिन्द का उच्चरण करने में कठिनाई हुई। इसका हल भी उन्होंने खोज लिया। उन्हें मालूम चला कि सिंधु घाटी का नाम इंडस वैली भी है। अत: उन्होंने हमारे देश को इंडिया नाम दिया और देश पूरे विश्व में इंडिया के नाम से प्रसिद्ध हो गया। एक अन्य मत के अनुसार जब अलेक्जैंडर भारत आया तो उसने अंग्रेजी में HINDU का H हटाकर देश को INDU नाम से जाना, जो बाद में INDIA (इंडिया) बन गया। वैसे देश के संविधान में इसका नाम भारतवर्ष ही है।

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