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Wednesday, April 29, 2020

जाने इरफान खान की जीवनी के बारे मे सब और कैसे अर्श से फर्श तक का सफर हासिल किया..जानने के लिए पढ़िये


शाहबजादे इरफान अली खान (इरफ़ान ख़ान, इरफान) हिन्दी अंग्रेजी फ़िल्मों, व टेलीविजन के एक अभिनेता हैं। उन्होने द वारियर, मकबूल, हासिल, द नेमसेक, रोग जैसी फिल्मों मे अपने अभिनय का लोहा मनवाया। हासिल फिल्म के लिये उन्हे वर्ष २००४ का फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ खलनायक पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। वह बालीवुड की ३० से ज्यादा फिल्मों मे अभिनय कर चुके हैं। इरफान हॉलीवुड मे भी एक जाना पहचाना नाम हैं। वह ए माइटी हार्ट, स्लमडॉग मिलियनेयर और द अमेजिंग स्पाइडर मैन फिल्मों मे भी काम कर चुके हैं। 2011 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया।

        60वे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2012 में इरफ़ान खान को फिल्म पान सिंह तोमर में अभिनय के लिए श्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार दिया गया।  इरफान खान भारतीय फिल्‍म अभिनेता हैं और वे बॉलीवुड में अपने दमदार अभिनय के लिए जाने जाते हैंा वे अपने हॉलीवुड फिल्‍मों में किए गए कामों की वजह से भी जाने जाते हैंा उन्‍हें तीन बार फिल्‍मफेयर पुरस्‍कार और सर्वश्रेष्‍ठ अभिनेता के तौर पर फिल्‍म 'पान सिंह तोमर' के लिए राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार भी मिल चुका हैा उन्‍हें पद्मश्री सम्‍मान से भी नवाजा जा चुका हैा दर्शक ऐसा मानते हैं कि वे अपनी आंखों से ही पूरा अभिनय कर देते हैं और यही उनकी विशेषता भी हैा वे लीक से हटकर फिल्‍में करने की वजह से मशहूर हैा

        इरफ़ान ख़ान (पूरा नाम मोहम्मद इरफ़ान खान- जन्म ४ नवंबर १९६६) का जन्म मध्य प्रदेश के ग्वालियर  शहर में हुआ था। स्थानीय अखबार दैनिक भास्कर और स्वदेश में सन ८२-१९८९ तक कार्टून बनाते रहे। दिल्ली की श्रीधरणी आर्ट गैलरी में अपनी प्रदर्शिनी के दौरान वे नवभारत टाइम्स लखनऊ के लिये चुन लिये गए। १९९४ में दिल्ली आकर इकोनोमिक टाइम्स, फ़ाइनेन्शिअल एक्स्प्रेस,एशियन ऐज, में स्टाफ़ कार्टूनिस्ट रहे।

        २००० में ज़ी न्यूज़ में वरिष्ठ कार्टूनिस्ट के पद पर काम करते हुए अपना टाक शो शख्शियत होस्ट किया, २००३ में एनडीटीवी के शो गुस्ताखी माफ़ की स्क्रिप्ट लिखी और सहारा समय पर इतनी सी बात होस्ट किया। अब तक ३ संकलन प्रकाशित हो चुके हैं। एन्सीईआरटी के पाठ्यक्रम की पुस्तकों में इरफ़ान सहित देश के विभिन अन्य कार्टूनिस्टों के संपादकीय कार्टूनों को भी शामिल किया गया था। जापान फ़ाउन्डेशन ने "एशियाई कार्टून प्रदशनी" के अपने वार्षिक कार्यक्रम के तहत, २००५ में नौवी प्रदर्शिनी के लिए प्रत्येक एशियाई देश से एक कार्टूनिस्ट के चयन हेतु भारत की ओर से इरफ़ान का चयन किया।

        बॉलीवुड से हॉलीवुड तक अपने अभिनय की छाप छोड़ने वाले अभिनेता इरफान खान को आज पूरी दुनिया जानती हैं। ऑलराउंडर अभिनेता इरफान खान ने अपनी अभिनय के दम पर हर वर्ग के दर्शकों को प्रभावित किया है। इरफान खान का अपना एक अलग अंदाज है, वो एक ऐसे कलाकार हैं कि अपने जबरदस्त अभिनय से किसी भी किरदार में जान डाल देते हैं। हाल ही में हॉलीवुड अभिनेता टॉम हैंक्स ने कहा कि इरफान की तो आंखें भी एक्टिंग करती हैं। उनके अलग अलग रोल्स की तरह उनकी लव स्टोरी भी काफी दिलचस्प है..आइए जानते है उनके और सुतपा के प्यार की कहानी।

        इरफान खान का शुरूआती दौर था, इरफान सड़क पर थे। उनके पास खाने के लिए कुछ नहीं था, उस वक्त एक लड़की उनकी जिंदगी में आई। लेकिन सबसे बड़ी परेशानी तब शुरू हुई जब उनका एनएसडी में प्रवेश हुआ। उन्हीं दिनों, उनके पिता की मृत्यु हो गई। घर के आय का स्रोत ही समाप्त हो गया। इरफान के लिए घर से पैसे मिलने के दरवाजे बंद हो गए। पिता की मौत के बाद अब उनके पास बस एनएसडी से मिलने वाली फेलोशिप ही सहारा थी।

        घरेलु परेशानियों के साथ एनएसडी की परेशानियां सहते-सहते इरफान टूटते जा रहे थे। इन सारी बातों को बड़े गौर से एक लड़की देखा करती थी। वह इरफान की सहपाठी थी, एनएसडी में ही। दिल्ली की रहने वाली थी और उन्‍हें इरफान में दिलचस्पी थी। एक दौर ऐसा भी आया, जब इरफान के पास खाने के लिए लाले पड़ गए। उस दौर में उस दिल्ली की लड़की ने इरफान का साथ दिया।

        उनके पिता टायर का व्यापार करते थे। पठान परिवार के होने के बावजूद इरफान बचपन से ही शाकाहारी हैं, उनके पिता उन्हें हमेशा यह कहकर चिढ़ाते थे कि पठान परिवार में ब्राह्मण पैदा हो गया। उन्होंने वर्ष 1984 में दिल्ली के राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) में अभिनय का प्रशिक्षण लिया। उन्हें स्कॉलरशिप भी मिली। इरफान खान का शुरुआती दौर संघर्ष से भरा था। जब उनका एनएसडी में प्रवेश हुआ, उन्हीं दिनों उनके पिता की मृत्यु हो गई। घर के आय का स्रोत ही समाप्त हो गया। उन्हें घर से पैसे मिलना बंद हो गया। उनके पास बस एनएसडी से मिलने वाली फेलोशिप ही सहारा थी।

        जयपुर में पले-बढ़े इरफ़ान ख़ान एमए की पढ़ाई कर रहे थे, जब उन्हें नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में प्रशिक्षण के लिए स्कॉलरशिप मिला। दिल्ली स्थित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से अभिनय में प्रशिक्षित होने के बाद इरफ़ान ख़ान  ने मुंबई का रूख किया। मुंबई आने के बाद वे धारावाहिकों में व्यस्त हो गए। चाणक्य, चंद्रकांता, स्टार बेस्ट सेलर्स जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में इरफ़ान ख़ान के बेहतरीन अभिनय ने फिल्म निर्माता-निर्देशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

        मीरा नायर की सम्मानित फिल्म सलाम बांबे में उन्हें मेहमान भूमिका निभाने का अवसर मिला। सलाम बांबे के बाद इरफ़ान ख़ान लगातार ऑफबीट फिल्मों में अभिनय करते रहें। एक डॉक्टर की मौत,कमला की मौत और प्रथा जैसी समांतर फिल्मों में अभिनय के बाद इरफ़ान ख़ान  ने मुख्य धारा की फिल्मों की ओर रूख किया। हासिल में रणविजय सिंह की नकारात्मक भूमिका में इरफ़ान ख़ान ने अपनी अभिनय-क्षमता का लोहा मनवाया। देखते-ही-देखते वे मुख्य धारा के निर्माता-निर्देशकों की भी पसंद बन गए।

        इरफ़ान ख़ान मौजूदा दौर के उन अभिनेताओं में हैं,जो स्वयं को फिल्मों में नायक की भूमिका के दायरे तक सीमित नहीं करते। वे यदि लाइफ इन ए मेट्रो, आजा नचले, क्रेजी 4 और सनडे जैसी फिल्मों में महत्वपूर्ण चरित्र भूमिकाएं निभाते हैं, तो मकबूल,रोग और बिल्लू में केंद्रीय भूमिका भी निभाते हैं। गंभीर अभिनेता की छवि वाले इरफ़ान ख़ान समय-समय पर हास्य-रस से भरपूर भूमिकाओं में भी दर्शकों के लिए उपस्थित होते रहे हैं। इरफान खान नाम ही काफ़ी है. इनकी एक्टिंग का जादू सिर्फ हिंदुस्तान में ही नहीं पूरी दुनिया के लोगों पर छाया हुआ है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इन्होंने भी अपने जीवन की शुरुआत जूनियर कलाकार से की थी.

        इरफान को फ़िल्म ‘हासिल’ के लिए पहली बार दर्शकों ने सराहा. 2003 में फ़िल्म ‘हासिल’ फिल्म के लिये उन्हे फ़िल्मफ़ेयर में सर्वश्रेष्ठ खलनायक पुरस्कार प्राप्त हुआ. इरफान ने फ़िल्म द वारियर, मकबूल, हासिल, द नेमसेक, रोग, पीकू जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया. इरफान खान का कहना है कि दर्शकों की सराहना किसी भी कलाकार के लिए मायने रखती है और इससे उनका उत्साहवर्धन होता है. हाल में आई उनकी हॉलीवुड फिल्म ‘इनफर्नो’ को भी दर्शकों ने खूब सराहा है. इरफान ने एक बयान में कहा, “यह मायने नहीं रखता कि आपने कितनी फिल्में की हैं.

        दर्शकों की सराहना से हर कलाकार खुश होता है. यह अभिनेताओं के लिए बहुत मायने रखती है.” अभिनेता की फिल्म ‘इनफर्नो’ भारत और अमेरिका में रिलीज हुई. इस फिल्म के लिए उनकी काफी प्रशंसा हुई. इरफान का कहना है यह उनके लिए पुरस्कार जैसा है. इरफान खान ने कहा कि उनका सपना है कि वह ध्यान चंद जैसे विख्यात खिलाड़ी की जीवनी पर आधारित एक फिल्म करे। हालांकि अब काफी वक्त बीत गया है, लेकिन आज भी ध्यान चंद के किरदार को निभाने के लिए वह तैयार है। यह बातें पान सिंह तोमर की डीवीडी रिलीज के पश्चात इरफान खान ने कहीं है। उन्होंने कहा कि ध्यानचंद जैसे खिलाड़ी की जीवनी पर आधारित फिल्म में काम करना उनके लिए गर्व की बात होगी। उन्होंने कहा कि ध्यानचंद का खेल जीवन काफी रोमांचक था, इसलिए हमें उनपर एक फिल्म जरूर बनानी चाहिए।

        वह 23 फरवरी, 1995 को लेखिका सुतपा सिकदर के साथ विवाह के बंधन में बंध गए। सुतपा भी एनएसडी में उनके साथ पढ़ी हैं। उनके दो बेटे भी हैं-नाम बाबिल और अयान। उन्हें हिंदी, अंग्रेजी फिल्मों व टेलीविजन के अभिनेता के तौर पर जाना जाता है। बहुमुखी प्रतिभा के धनी इरफान खान ने अपने 28 साल के फिल्मी करियर में कई यादगार फिल्मों में काम किया है। बॉलीवुड के साथ-साथ इरफान हॉलीवुड में भी सक्रिय रहे हैं। उन्होंने 'जुरासिक वल्र्ड' और 'स्पाइडर मैन' जैसी फिल्मों में भी काम किया है।

        एनएसडी से प्रशिक्षण लेने के बाद इरफान ने दिल्ली से मुंबई का रुख किया और वहां जाकर चाणक्य, भारत एक खोज, सारा जहां हमारा, बनेगी अपनी बात, चंद्रकांता और श्रीकांत जैसे धारावाहिकों में काम किया। वह 23 फरवरी, 1995 को लेखिका सुतपा सिकदर के साथ विवाह के बंधन में बंध गए। सुतपा भी एनएसडी में उनके साथ पढ़ी हैं। उनके दो बेटे भी हैं-नाम बाबिल और अयान। बहुमुखी प्रतिभा के धनी इरफान खान ने अपने 28 साल के फिल्मी करियर में कई यादगार फिल्मों में काम किया है।

        बॉलीवुड के साथ-साथ इरफान हॉलीवुड में भी सक्रिय रहे हैं। उन्होंने जुरासिक वल्र्ड और स्पाइडर मैन जैसी फिल्मों में भी काम किया है। इरफान ने पहली बार 2005 में आई फिल्म रोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद फिल्म हासिल के लिए इरफान खान को उस साल का बेस्ट विलेन का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। उसके बाद इरफान ने लंचबॉक्स, गुंडे, हैदर, पीकू और जुरासिक वल्र्ड में भी काम किया। इरफान खान को फिल्म पान सिंह तोमर के लिए नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया और साथ ही उन्हें वर्ष 2011 में भारत सरकार की तरफ से पद्मश्री से सम्मानित किया गया

Tuesday, April 28, 2020

सावधान! दिल्ली के घरों में पहुंच सकता है कोरोना वायरस, सामने आई डरावनी तस्वीर



सावधान! दिल्ली के घरों में पहुंच सकता है कोरोना वायरस, सामने आई डरावनी तस्वीर
मंडी में लगी भीड़
   

कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है लेकिन फिर भी कुछ लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं. ताजा मामला दिल्ली के आजादपुर का है. जहां के थोक फल और सब्जी के बाजार में भारी भीड़ दिखाई दी.   

नई दिल्ली: कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है लेकिन फिर भी कुछ लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं. ताजा मामला दिल्ली के आजादपुर का है. यहां के थोक फल और सब्जी के बाजार में भारी भीड़ दिखाई दी.
चिंता की बात ये है कि अगर इनमें से कोई भी कोरोना संक्रमित हुआ तो उससे सब्जी और फल के बाजार में मौजूद लोगों में भी संक्रमण फैल सकता है और ये संक्रमण सब्जी और फलों के जरिए लोगों के घर तक पहुंच सकता है. 
बता दें कि देश में कोरोना वायरस (coronavirus) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इस बीच स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन ने देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को एक पत्र लिखा है
इस पत्र में राज्यों से कहा गया है कि वह COVID-19 के अलावा गैर कोविड मरीजों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर भी ध्यान दें. पहले ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसके लिए राज्यों को विस्तृत गाइडलाइन जारी की हुई है.
इसके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने सभी राज्यों को चिठ्ठी लिखकर स्थिति बिगड़ने की दशा में तैयारी पूरी करने के लिए भी कहा है. सचिव ने कहा है कि अगर केस काफी बढ़े तो उससे निपटने के लिए राज्य स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त करके रखें. वहीं नॉन-कोविड मरीजों की भी अनदेखी न हो.
#covid19 #zeenews

मिल गया सबसे बड़े सवाल का जवाब, भारत में इस दिन खत्म होगा कोरोना


नई दिल्ली: कोरोना वायरस (coronavirus) की बढ़ती रफ्तार ने जिंदगी पर ब्रेक लगा दिया है. सड़कों पर सन्नाटा है, लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं. ऐसे में सभी की जुबान पर बस एक ही सवाल है कि आखिर ये कोरोना कब खत्म होगा? सिंगापुर के शोधकर्ताओं ने इस सवाल का जवाब खोजने की कोशिश की है. सिंगापुर यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड डिज़ाइन (SUTU) के शोधकर्ताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से दुनिया भर में कोरोना के मामलों का विश्लेषण करने के बाद यह बताया है कि 131 देशों में कोरोना कब तक खत्म हो सकता है

शोधकर्ताओं ने इसके लिए ISR (susceptible-infected-recovered) मॉडल का इस्तेमाल किया, जो महामारी के जीवन चक्र से लेकर उसके खत्म होने का अनुमान लगाता है. दुनिया भर के कोरोना संक्रमित मरीजों का डाटा ऑवर वर्ल्ड इन वेबसाइट से लिया गया. इस गणितीय मॉडलिंग के माध्यम से यूनिवर्सिटी ने भविष्यवाणी की है कि दुनिया भर से कोरोना वायरस 21 मई तक 97 प्रतिशत और 8 दिसंबर, 2020 तक 100 फीसदी ख़त्म हो जाएगा. हालांकि बहरीन और कतर सहित कुछ देशों में फरवरी 2021 में कोरोना के नए मामले सामने आ सकते हैं.

शोधकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनके अनुमान की समय-सीमा में परिवर्तन संभव है. वहीं, वेबसाइट ‘ऑवर वर्ल्ड इन’ का कहना है कि कोरोना संक्रमण के आंकड़ों को हर रोज़ अपडेट किया जाता है और यह विश्लेषण और अनुमान केवल शैक्षिक और शोध उद्देश्यों के लिए है.  
 
अध्ययन के अनुसार, निम्नलिखित देशों में कोरोना वायरस ऐसे खत्म होगा:

1. भारत -21 मई

2. अमेरिका - अगस्त के अंतिम सप्ताह में (11 मई के आसपास 97 प्रतिशत)

3. इटली - अगस्त के अंतिम सप्ताह में (7 मई के आसपास 97 प्रतिशत)

4. ईरान -10 मई

5. तुर्की -15 मई

6. यूनाइटेड किंगडम -9 मई

7. स्पेन- मई की शुरुआत में

8. फ्रांस- 3 मई

9. जर्मनी -30 अप्रैल



Monday, April 27, 2020

आपके WHATSAPP पर शुरू हो चुकी है शॉपिंग की सुविधा, जल्दी जानें तरीका

हम बताएंगे WhatsApp पर शॉपिंग करने का तरीका.

नई दिल्ली: जी हां, आपके मोबाइल फोन में मौजूद व्हाट्सऐप (WhatsApp) पर शॉपिंग की सुविधा शुरू हो चुकी है. आप अगर अभी भी व्हाट्सऐप पर सिर्फ चैटिंग ही कर पाते हैं तो हम बताएंगे यहां शॉपिंग करने का तरीका. Reliance Jio ने अपने JioMart की सुविधा व्हाट्सऐप पर उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है. 

ऐसे करें शॉपिंग
- पहले आप JioMart का व्हॉट्सअप नंबर 88500 08000 अपने स्मार्टफोन में सेव कर लें.
- नंबर सेव करने के बाद अपने व्हाट्सऐप कॉन्टेक्ट में इस नंबर को सर्च करें, इसके लिए लिस्ट को रिफ्रेश करने की जरूरत पड़ेगी.
- अब इस कॉन्टेक्ट नंबर पर 'Hi' मैसेज भेजे.
- इसके बाद जियोमार्ट व्हॉट्सएप नंबर सेव करने वाले ग्राहक के चैट विंडो पर एक लिंक भेजेगा जो कि सिर्फ 30 मिनट तक एक्टिव रहेगा.
- इस लिंक पर क्लिक करने के बाद कस्टमर को एक नया पेज ओपन करना होगा जिसपर कस्टमर को अपना पता और फोन नंबर जैसी कुछ जानकारी सेव करनी होगी.
- जरूरी डिटेल भरने के बाद जियो मार्ट ग्राहक के व्हॉट्सएप पर अपने यहां मौजूद सामानों की एक लिस्ट भेजेगी.
- कस्टमर उस सामान की लिस्ट में से अपने पसंदीदा सामान को चुनकर ऑर्डर भेज देगा.
- इसके बाद कस्टमर का ऑर्डर और उसकी डिटेल्स जियो मार्ट या आसपास के किराना स्टोर को भेज दिए जाएंगे.
- आप अपने ऑर्डर को बताए गए नजदीकी किराना स्टोर से कलेक्ट कर पाएंगे.

जानकारों का कहना है कि फिलहाल व्हाट्सऐप पर शॉपिंग की सुविधा सिर्फ नवी मुंबई के कुछ इलाकों में, ठाणे और कल्याण में ही लाइव की गई है. लेकिन बहुत जल्द अन्य इलाकों में शुरू होने की उम्मीद है. इसके बाद आप घर बैठे चैटिंग करते हुए सभी सामान ऑर्डर कर पाएंगे.

Sunday, April 26, 2020

हिंदू लिखना कहीं से गलत नहीं है, सभी दुकानदार अपने दुकानों पर हिंदू लिखें: रघुवर दास


झारखंड के जमशेदपुर में दो फल दुकानदारों द्वारा विश्व हिन्दू परिषद (VHP) का बैनर लगाकर, फल बेचने के मामले में पुलिस ने धारा 107 के तहत नोटिस जारी कर दिया है. साथ ही बैनर हटवा दिया है. इस मामले को लेकर बीजेपी हेमंत सोरेन (Hemant Soren) सरकार पर खुलकर हमला कर रही है.

इसी क्रम में, बीजेपी (BJP) के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास (Raghubar Das) ने जमशेदपुर पहुंचकर फल विक्रेताओं से मुलाकात की. इस दौरान, पूर्व सीएम रघुवर दास ने कहा कि, हिंदू लिखना कहीं से गलत नहीं है. सभी दुकानदार अपने दुकानों पर हिंदू लिखें.

दरअसल, बीजेपी पुलिस द्वारा फल विक्रेता की दुकान से बैनर हटवाए जाने को लेकर आक्रमक रूख अख्तियार कर लिया है. साथ ही, मामले को लेकर पार्टी राज्य सरकार पर लगातार हमलावर है. इससे पहले, बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने भी हेमंत सरकार को घेर था.

सीपी सिंह ने कहा कि, प्रशासन की कार्रवाई से तुष्टीकरण की नीति का पर्दाफाश हुआ है. उन्होंने प्रशासन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि, आखिर हिंदू के फल दुकान से उन्हें क्या दिक्कत है. अगर हिम्मत है तो जो मुसलमानों की दुकानें जिनमे 786 लिखा होता है. उन्हें बंद करें.

सीपी सिंह ने साफ तौर पर कहा कि 107 के नोटिस के तहत प्रशासन एक खास हिंदू को डराने का काम कर रही है. जबकि, जब दूसरे समुदाय के लोग लगातार उल्लंघन कर रहे हैं तो उस पर, कोई कार्रवाई नहीं होती है.

सीपी सिंह ने कहा है कि, सरकार पूरी तरीके से तुष्टीकरण की नीति पर चल रही है और पुलिस द्वारा एकतरफा कार्रवाई की जा रही है. वहीं, जेएमएम (JMM) प्रवक्ता मनोज पांडे ने बीजेपी के बयानों की आलोचना की. उन्होंने कहा कि, बीजेपी को संकट की इस घड़ी में राजनीतिक विद्वेष फैलाने से बाज आना चाहिए.

मनोज पांडेय ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि, ऐसी बयानबाजी से धार्मिक भावना भड़काने का काम करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि, बीजेपी के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है और वह हेमंत सोरेन की लोकप्रियता से घबरा कर, धार्मिक हथकंडे अपनाने की कोशिश कर रही है.

संघ प्रमुख मोहन भागवत बोले: कोरोना से डरने की जरूरत नहीं, डरने से संकट बढ़ता है..जाने और क्या कहा

नई दिल्ली: कोरोना संकट पर राष्ट्रस्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से संवाद शुरू किया गया है. महामारी काल में संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने 'वर्तमान परिदृश्य और हमारी' भूमिका विषय पर अपने विचार रखे. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि कोरोना से पूरी दुनिया जूझ रही है. जीवन तो चल रहा है. स्वयंसेवकों को लगता होगा कि शाखा बंद है, नित्य कार्यक्रम बंद हैं तो संघ का काम बंद है, ऐसा नहीं है. संघ का काम चल ही रहा है, बस उसका स्वरूप बदल गया है. घर में रहना ही इलाज है. 

उन्होंने आगे कहा, "कोरोना से बचाव के लिए घर में ही रहें. प्रचंड रूप से संघ के सेवा कार्य चल रहें है और उसको समाज देख रहा है. स्वयं के प्रयास से अच्छा बनना और समाज को अच्छा बनाना ही अपना काम है. एकांत में आत्मसाधना और परोपकार संघ कार्य का स्वरूप है. केवल संघ के लोगों के लिए ही नहीं बल्कि समाज के लिए भी कुछ बातें स्पष्ट हैं. अपने स्वार्थ की पूर्ति या अपना डंका बजाने के लिए हम काम नहीं कर रहे. यह समाज हमारा है, इसलिए सेवा कर रहें हैं. अहंकार को त्याग कर बिना श्रेय के काम करना है."

संघ प्रमुख ने अपने संबोधन में कहा, "हम अपना डंका बजाने के लिए कार्य नहीं करते. दुनिया के दुखों को दूर करना संघ का काम है. लोगों को बताने से पहले खुद स्वास्थ्य नियमों का पालन करें. कोरोना से डरना नहीं, डरने से संकट और बढ़ता है. हम इसलिए काम करते हैं क्योंकि ये देश हमारा है. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए काढ़ा पीयें. हमें सेवा करते हुए सावधान भी रहना है

संघ प्रमुख ने कहा, "बिना डरे कर्तव्य का पालन करें. संकट कई चीजें दिखा रहा है. आत्मनिर्भर बनें. लॉकडाउन के बावजूद सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें. लॉकडाउन में पर्यावरण ठीक हुआ है. विकास का नया मॉडल बनाना होगा. जरूरतों को सीमित करना पड़ेगा. स्वदेशी को अपनाना होगा."

#rss #covid19 

Friday, April 24, 2020

COVID-19: गृह मंत्रालय का बड़ा बयान, इन 4 बड़े शहरों में हालात बहुत चिंताजनक




COVID-19: गृह मंत्रालय का बड़ा बयान, इन 4 बड़े शहरों में हालात बहुत चिंताजनक


केंद्र सरकार ने देश में कोविड-19 हॉटस्पॉट जिलों में जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए 10 अंतर-मंत्रालयीय केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) गठित की हैं.

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने शुक्रवार को बताया कि कोरोना वायरस (coronavirus) के संक्रमण से अहमदाबाद, सूरत, हैदराबाद और चेन्नई सहित बड़े या उभरते हॉटस्पॉट इलाकों में हालाब बहुत चिंताजनक हैं. गृह मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि देश के कुछ हिस्सों में लॉकडाउन दिशानिर्देशों का उल्लंघन पाया जाना लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा है और इसकी वजह से कोरोना वायरस संक्रमण फैल सकता है. बयान में कहा गया है, "बड़े हॉटस्पॉट जिलों या उभरते हॉटस्पॉट शहरों, जैसे कि अहमदाबाद और सूरत (गुजरात), ठाणे (महाराष्ट्र), हैदराबाद (तेलंगाना) और चेन्नई (तमिलनाडु) में स्थिति बहुत गंभीर है." 
हॉटस्पॉट जिलों के लिए केंद्र सरकार की तैयारी
केंद्र सरकार ने देश में कोविड-19 हॉटस्पॉट जिलों में जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए 10 अंतर-मंत्रालयीय केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) गठित की है. इनमें से पांच टीमें अहमदाबाद, सूरत (दोनों गुजरात में), ठाणे (महाराष्ट्र), हैदराबाद (तेलंगाना) और चेन्नई (तमिलनाडु) में हालात का जायजा लेने गई हैं. वहीं, पहले गठित की गई टीमें मुंबई, पुणे (दोनों महाराष्ट्र में), इंदौर (मध्य प्रदेश), जयपुर (राजस्थान) और पश्चिम बंगाल (कोलकाता और उससे लगे जिलों के लिए एक टीम तथा दूसरी टीम उत्तर बंगाल) में कोरोना वायरस से उपजी स्थिति का जायजा ले रही हैं.
आईएमसीटी केंद्र सरकार की विशेषज्ञता का उपयोग करेगी और कोविड-19 के प्रसार को प्रभावी रूप से रोकने तथा संक्रमण से निपटने की राज्यों की कोशिशों को मजबूत करेगी. मंत्रालय ने कहा कि ये टीमें मौके पर स्थिति का आंकलन करेगी और इसके समाधान के लिये राज्य प्राधिकारों को आवश्यक निर्देश जारी करेंगी तथा आम आदमी के व्यापक हित में अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेंगी.
आईएमसीटी कई मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेंगी, जिनमें आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत जारी दिशानिर्देशों के मुताबिक लॉकडाउन का अनुपालन एवं क्रियान्वयन कराना, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित कराना, घरों से बाहर लोगों की आवाजाही में उनके बीच दूरी रखवाना, स्वास्थ्य सुविधाओं, अस्पतालों के बुनियादी ढांचे की तैयारियां तथा जिले में आंकड़े एकत्र करना आदि शामिल हैं

दही के साथ अजवाइन का करें इस्तेमाल, फिर देखें क्या होता है 'चमत्कार'

दही के साथ अजवाइन का करें इस्तेमाल, फिर देखें क्या होता है 'चमत्कार'         घर की रसोई में रखा अजवाइन (Ajwain) सेहत की कई समस्याओं ...