Search This Blog

BigRock offer

amazon

Thursday, April 16, 2020

कोरोना संकट के बाद शुरु हो सकता है तीसरा विश्व युद्ध, देखिए 9 प्रबल संकेत


नई दिल्ली: कोरोना(Coronavirus) ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले रखा है. विश्व का हर देश किसी भी कीमत पर सिर्फ कोरोना से निजात पाने के लिए जूझ रहा है. अमेरिका और यूरोप तबाह हो रहे हैं. उन्हें साफ तौर पर लगता है कि उनकी इस दुर्गति के लिए सिर्फ और सिर्फ चीन जिम्मेदार है. वह चीन को लगातार धमकियां दे रहे हैं. चीन भी आगामी संकट को समझते हुए अपनी तैयारियों में जुटा हुआ है. लेकिन यह तनाव क्या दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की विभीषिका में धकेल सकता है. देखिए इस बात के 9 बड़े संकेत-   

खबर आ रही है कि दुनिया को कोरोना में उलझा कर चीन ने परमाणु परीक्षण किया है. चीन के परमाणु संस्थानों ने जमीन के नीचे कम तीव्रता वाले Nuclear Test किए हैं. चीन के परमाणु परीक्षण की खबर अमेरिकी एजेन्सियों ने दी है.

हालांकि उनकी तरफ से इस बात का कोई सबूत नहीं दिया गया है. लेकिन परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर ये कहा जा रहा है कि चीन ने लॉप नूर टेस्ट परीक्षण स्थल पर इसे अंजाम दिया है.
सबसे पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल में छपे अमेरिकी विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है, “चीन शायद लॉप नूर टेस्ट साइट को साल भर चालू रखने की तैयारी में है. वहां पर बड़े विस्फोटक चैंबर्स बनाए गए हैं और लॉप नूर में न्यूक्लिर टेस्टिंग को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है.”

खास बात ये है कि चीन पर कम तीव्रता वाले परमाणु बमों के परीक्षण का शक है, जिनसे किसी छोटे इलाके को निशाना बनाना आसान होता है. शायद इसमें पाकिस्तान भी शामिल है. ये भारत के लिए खतरनाक खबर साबित हो सकती है. 

2. *अपने तेल भंडार में भारी इजाफा कर रहा है चीन
पिछले दिनों एक और खबर आई जो यह बताती है कि चीन युद्ध की तैयारियों में जुटा हुआ है. चीन ने पिछले एक महीने में अपने ऑयल रिजर्व में भारी इजाफा किया है.  दरअसल पिछले दिनों कच्चा तेल सस्ता हुआ है. जिसकी वजह से चीन तेल का विशाल भंडार बनाने में लग गया है.

कच्चे तेल की मांग में भारी गिरावट आने तथा रूस के साथ प्राइस वार की वजह से सऊदी अरब द्वारा बाजार में आपूर्ति बढ़ाने से मार्च में यूएस ऑयल फ्यूचर और ब्रेंट क्रूड की कीमतें 18 साल के निम्नतम स्तर पर पहुंच गईं. 

पूर्वी चीन सागर में चीन और जापान आमने सामने रहते हैं. ये दोनों समुद्री क्षेत्र दक्षिण और पूर्वी चीन सागर को खनिज संपदा के लिए काफी समृद्ध माना जाता रहा है. यह जल क्षेत्र वैश्विक कारोबार के लिहाज से भी अहम रहा है. अब कोरोना संकट का फायदा उठाते हुए चीन इस इलाके पर अपना कब्जा मजबूत करता जा रहा है. 

अमेरिका में कोरोना फैलने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प साफ़ तौर पर चीन को जिम्मेदार मान रहे हैं. एक प्रेस कांफ्रेन्स में जब एक पत्रकार ने ट्रंप से सवाल किया कि - क्या चीन अपनी करनी का परिणाम नहीं भुगतेगा? इस बात पर भड़क कर ट्रम्प ने कहा कि आपको ये कैसे पता कि चीन परिणाम नहीं भुगतेगा?

इसके बाद पत्रकार ने जब आगे सवाल किया कि चीन पर क्या कार्रवाई होगी? क्या चीन अपनी करनी का क्या परिणाम भुगतेगा? इसपर ट्रम्प ने जवाब दिया कि मैं ये आप लोगों को नहीं बता सकता कि चीन क्या परिणाम भुगतेगा. ये चीन को ही पता चेलगा कि उसने जो किया उसका नतीजा अच्छा नहीं है.

#worldwar


No comments:

Post a Comment

दही के साथ अजवाइन का करें इस्तेमाल, फिर देखें क्या होता है 'चमत्कार'

दही के साथ अजवाइन का करें इस्तेमाल, फिर देखें क्या होता है 'चमत्कार'         घर की रसोई में रखा अजवाइन (Ajwain) सेहत की कई समस्याओं ...