कर्फ्यू के चलते सरकार द्वारा जरुरतमंदों, मजदूरों, दिहाड़ीदारों, रिक्शा चालकों को राशन बांट कर उनकी जरुरतों को पूरा किया जा रहा है व राहत पैकेज भी दिए जा रहे है।
परंतु इन सब के बीच माध्यम वर्ग व छोटे व्यापारी की परेशानी की तरफ सरकार द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
यह बात रेडीमेड एसोसिएशन के जिला प्रधान सुशील भारती ने कही। उन्होंने कहा कि माध्यम वर्ग व छोटे व्यापारी पहले तो नोटबंदी व जीएसटी की मार पड़ने के कारण परेशान था। अब कर्फ्यू के चलते सभी कारोबार बंद होने के कारण उसको काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि छोटा व्यापारी जहां अपने परिवार के पांच सदस्यों का पेट पालता है, वहीं लाखों रुपये जीएसटी, इनकम टेक्स देकर सरकार का भी पेट भरता है।
उन्होंने कहा कि कर्फ्यू खुलने के बाद यह वर्ग अपने बच्चों की फीस, बिजली के बिल व अन्य खर्च कहां से करेंगा।
उन्होंने कहा कि मुलाजिमों को तो वेतन मिल जाएगा, परंतु उनको तो किसी तरह की आर्थिक मदद की उम्मीद नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार को माध्यम वर्ग व छोटा कारोबारी की आर्थिक हालत को सुधारने के लिए कोई प्रयत्न करना चाहिए
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